जयपुर। देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां जारी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 सितंबर 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और समुद्री इलाकों में खराब मौसम को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी के कम दबाव का असर
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की दिशा में है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है।
इसके प्रभाव से राजस्थान में 12 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
12 से 16 सितंबर तक बारिश का नया दौर
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर सक्रिय हो सकता है।
12 सितंबर से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात, बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर सहित कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
13 और 14 सितंबर को इन संभागों में ज्यादा असर
13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है।
इस दौरान कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी और समुद्री इलाकों में भी अलर्ट
मौसम के बिगड़ने की संभावना को देखते हुए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में लोगों को भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को खराब मौसम और तेज हवाओं के दौरान समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
75 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ प्रभावित क्षेत्रों में तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर हवा की गति करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
ऐसे में लोगों को बारिश और आंधी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।






