जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 26 जुलाई को पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियां सबसे अधिक रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में फिलहाल बारिश अपेक्षाकृत कम रहेगी। हालांकि 28 जुलाई से यहां भी मानसून दोबारा जोर पकड़ सकता है।
कई मौसमी सिस्टम से बढ़ी बारिश की संभावना
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी प्रभावी है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसके अलावा सक्रिय मानसून ट्रफ, ईस्ट-वेस्ट शियर जोन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 26 जुलाई के लिए बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा और टोंक जिलों में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
इसके अलावा डूंगरपुर, झुंझुनूं, सिरोही, उदयपुर, जालौर, जोधपुर और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश, पूर्वी हिस्से में 28 जुलाई से फिर बढ़ेगा असर
आईएमडी के अनुसार बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर और जालौर में भारी बारिश की संभावना है। वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दूसरी ओर जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में भी कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वी राजस्थान में 28 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 27 से 29 जुलाई के बीच बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।
लोगों और किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। किसानों को खेतों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।






