राजस्थान में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और 13 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर सहित कई संभागों में बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार कुछ स्थानों पर मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। राज्य में मानसून गतिविधियों में बदलाव का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
इन संभागों में बारिश के आसार
IMD के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 13 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान के भी कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है।
शेखावाटी में भी मौसम बदलेगा
सीकर, झुंझुनूं और चूरू समेत शेखावाटी के इलाकों में भी बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे मौसम में वज्रपात की स्थिति को देखते हुए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।
मौसम विभाग की जिला-स्तरीय चेतावनियों के अनुसार राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 13 अगस्त को गरज-चमक तथा तेज हवाओं से जुड़ी मौसम गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
14 अगस्त से कुछ हिस्सों में कमजोर होगा मानसून
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 14 अगस्त से जोधपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश जारी रह सकती है।
इसके बाद 15 अगस्त से राज्य के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है।
तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश के साथ मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह है। खासकर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास रहने से बचना सुरक्षित रहेगा।
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। IMD ने कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थिति बन सकती है।






