राजस्थान में अगस्त के आखिरी दिनों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश कम रहने की संभावना है।
इस दौरान राजस्थान के अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के चलते हल्की बारिश हो सकती है।
30 अगस्त को उदयपुर संभाग में बारिश के आसार
दैनिक वर्षा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अगस्त को उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। हालांकि पूरे संभाग में बारिश होने की संभावना नहीं है।
वहीं जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग समेत पूर्वी राजस्थान के अन्य हिस्सों में व्यापक बारिश का फिलहाल कोई विशेष पूर्वानुमान नहीं है।
चूरू समेत पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क
चूरू, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर समेत पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में 30 अगस्त को मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर कुछ जगहों पर बादल छाने या हल्की बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है, लेकिन बड़े स्तर पर बारिश का दौर बनने के संकेत नहीं हैं।
फिलहाल किसी जिले में विशेष अलर्ट नहीं
राजस्थान के लिए राहत की बात यह है कि 30 अगस्त को किसी भी जिले के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि स्थानीय मौसम परिस्थितियों में बदलाव के कारण बारिश की गतिविधियों में परिवर्तन हो सकता है।
3-4 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
आईएमडी के संकेतों के अनुसार 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान में भी सितंबर के शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बनने की संभावना जताई गई है।
देश के 16 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट
देश के स्तर पर 30 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी बताई गई है।
कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और कुछ क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।






