राजस्थान में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र के 14 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में 16 सितंबर को गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं से जुड़ी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है।
वहीं पश्चिमी राजस्थान के लिए 16 और 17 सितंबर को उस बुलेटिन में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए पूरे राजस्थान में एक समान भारी बारिश या तेज हवाओं का अलर्ट बताना सही नहीं होगा।
16-17 सितंबर को पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 16 और 17 सितंबर के दौरान पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इससे पंजाब, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
एक ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार 16 सितंबर को पंजाब और उत्तर-पश्चिम राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं 17 सितंबर को बारिश की गतिविधियों का फोकस राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा की ओर रहने की संभावना बताई गई है।
पूर्वी राजस्थान में इन इलाकों पर नजर
IMD के राजस्थान बुलेटिन में पूर्वी राजस्थान के लिए 16 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की चेतावनी दर्ज है। जयपुर के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 16 सितंबर को गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना बताई गई है।
उदयपुर के पूर्वानुमान में भी 16 और 17 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई है।
19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई के संकेत
राजस्थान के मौसम को लेकर एक अहम अपडेट यह भी है कि IMD ने 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की जानकारी दी है।
इसका मतलब है कि राजस्थान में मानसून का मौजूदा दौर धीरे-धीरे कमजोर होने की दिशा में बढ़ सकता है। हालांकि, इससे पहले पश्चिमी विक्षोभ और मौजूदा नमी के कारण कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
18 राज्यों में 75 किमी की हवा वाले दावे पर क्या है स्थिति?
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में 18 राज्यों में भारी बारिश तथा 75 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं का दावा किया जा रहा है। लेकिन उपलब्ध IMD के राजस्थान-विशिष्ट आधिकारिक बुलेटिन में ऐसा कोई एकसमान “18 राज्यों में अगले 6 घंटे का 75 किमी प्रति घंटे का अलर्ट” नहीं मिला है।
इसलिए राजस्थान की खबर में इस दावे को IMD की आधिकारिक चेतावनी के रूप में सीधे पेश करना उचित नहीं है। अलग-अलग राज्यों और जिलों के लिए चेतावनी की स्थिति अलग हो सकती है और मौसम विभाग के अपडेट समय के साथ बदलते रहते हैं। IMD के आधिकारिक चेतावनी पेज पर राज्यवार और जिलेवार अपडेट उपलब्ध हैं।
किसानों और आम लोगों को सावधानी की सलाह
गरज-चमक और बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना सुरक्षित रहेगा। किसानों को मौसम की स्थानीय चेतावनी देखकर ही खेतों से जुड़े जरूरी काम करने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि आंधी, बिजली और बारिश से जुड़ी चेतावनियां स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती हैं।






