राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी जारी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार 17 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मेघगर्जन, बिजली चमकने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है।
मौसम विभाग के अनुसार 18 सितंबर को भी राजस्थान के दोनों मौसम उपखंडों में आंधी-गरज के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भी चेतावनी जारी की गई है।
30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
राजस्थान में 17 सितंबर को कई स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
ऐसे मौसम में खुले क्षेत्रों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को भी तेज हवाओं और बारिश को देखते हुए खेतों में रखी फसल तथा अन्य कृषि सामग्री की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
पूर्वी राजस्थान में इन जिलों पर नजर
IMD के जयपुर केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। इनमें अजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक शामिल हैं।
जयपुर और कोटा संभाग में भी मौसम बदलेगा
जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। जयपुर जिले में मेघगर्जन, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है।
वहीं कोटा संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। बारां, बूंदी और कोटा में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में भी चेतावनी
पश्चिमी राजस्थान के लिए भी 17 सितंबर को Thunderstorm & Lightning और Squall की चेतावनी जारी है। 18 सितंबर को भी पश्चिमी राजस्थान में यह चेतावनी बनी हुई है।
मानसून की विदाई को लेकर क्या है अपडेट?
राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मानसून की वास्तविक वापसी मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
किसानों और आमजन को सावधानी की सलाह
बारिश, बिजली और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। किसान खेतों में रखी फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।






