राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। 5 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने भरतपुर और कोटा संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर अतिभारी बारिश भी हो सकती है।
इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों के साथ-साथ किसानों को भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
भरतपुर और कोटा संभाग में भारी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार भरतपुर और कोटा संभाग में 5 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कोटा, बारां, झालावाड़ और सवाई माधोपुर में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात होने की संभावना है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।
इन जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर
राजस्थान के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। इनमें अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़ और टोंक शामिल हैं।
वहीं जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने करौली, धौलपुर और सवाई माधोपुर में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश का असर कम
पश्चिमी राजस्थान में पूर्वी हिस्से की तुलना में बारिश का असर कम रहने का अनुमान है। बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, डीडवाना-कुचामन और जोधपुर-पाली के कुछ हिस्सों में खंड बारिश और मेघगर्जन हो सकता है।
हालांकि पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में मौसम सामान्य रहने तथा कई इलाकों में मौसम सूखा रहने की संभावना है।
जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी और बालोतरा में खास बारिश की संभावना कम बताई गई है।
देश के 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट
देश के स्तर पर भी 5 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, मेघालय और केरल में भारी बारिश की चेतावनी बताई गई है।
पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा भी रहेगा। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं।
किसानों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वालों के लिए अलर्ट
मौसम खराब होने की स्थिति को देखते हुए किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
वहीं पहाड़ी राज्यों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को भी मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
क्यों बदला राजस्थान का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी गुजरात से झारखंड तक एक ट्रफ बनी हुई है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।






