जयपुर। राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) लगातार सक्रिय है।
5 सितंबर की शाम 5:30 बजे तक यह मौसम सिस्टम इसी क्षेत्र में बना हुआ था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम अगले दो दिनों के दौरान पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में बारिश और आंधी का दौर जारी रहने की संभावना है।
मानसून ट्रफ भी सक्रिय, पूर्वी राजस्थान में ज्यादा असर
मानसून ट्रफ अनूपगढ़ और अलवर से होते हुए निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा से दक्षिण असम और दक्षिण गुजरात से उत्तर बांग्लादेश तक अलग-अलग ऊंचाई पर बनी ट्रफ भी सक्रिय है।
इन मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहेंगी, हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
भरतपुर और जयपुर संभाग में बारिश के आसार
6 सितंबर को भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
वहीं कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उदयपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बारां, चित्तौड़गढ़, डीग, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
सीकर-झुंझुनूं समेत इन जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट
6 सितंबर को जयपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, दौसा, झालावाड़, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और टोंक में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन जिलों के हर हिस्से में बारिश होगी। स्थानीय स्तर पर गरज-चमक, तेज हवा और मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
पूर्वी राजस्थान के कुछ अन्य जिलों के लिए 6 सितंबर को कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन सक्रिय मौसम सिस्टम को देखते हुए स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
देश के 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
देशभर में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
6 सितंबर को उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार कुछ प्रभावित क्षेत्रों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश के कारण उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं उत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की आशंका है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राजस्थान में भी वज्रपात और तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह है।






