जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को देखते हुए 23 से 27 जुलाई तक ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
12 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कई स्थानों पर बिजली गिरने का भी खतरा है।
राजस्थान के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार बांसवाड़ा और झालावाड़ में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
वहीं बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर और उदयपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा अजमेर, ब्यावर, जयपुर, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, जालौर, जोधपुर, नागौर और पाली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, सीकर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर और फलौदी में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
इन मौसम प्रणालियों से बढ़ा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल बीकानेर, बनस्थली विद्यापीठ, गुना, दमोह, पेंड्रा रोड और मिदनापुर होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।
इसके साथ ही उत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण, ऊपरी वायुमंडल में ईस्ट-वेस्ट शियर जोन तथा जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
पिछले 24 घंटे में कई जिलों में हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान बारां, बूंदी, कोटा, टोंक, राजसमंद, पाली, दौसा और झालावाड़ सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक बारां के छीपाबड़ौद में 139 मिमी तथा भीलवाड़ा के आसींद में करीब 150 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई।
लोगों और किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों को भी खेतों तथा मंडियों में रखी फसल और अनाज को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम करने की सलाह दी गई है, क्योंकि आगामी दिनों में कई जिलों में लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है।






