राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने के आसार हैं। 21 अगस्त 2026 को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने धौलपुर और करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है।
सीकर-झुंझुनूं समेत 18 जिलों में आंधी-बारिश के आसार
21 अगस्त को अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में मेघगर्जन व वज्रपात की संभावना है।
इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। सीकर और झुंझुनूं में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
धौलपुर-करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने धौलपुर और करौली में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
देश के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी
देशभर की बात करें तो मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, मणिपुर, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बारिश और आंधी की चेतावनी दी है।
कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की आशंका है। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है।
किसानों और नदी किनारे रहने वालों को सावधानी की जरूरत
तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को मौसम खराब होने की स्थिति में खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।
वहीं नदी और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों तथा मछुआरों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में मानसून फिलहाल अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है, जबकि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में सीकर, झुंझुनूं और आसपास के शेखावाटी क्षेत्र में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।






