राजस्थान में मानसून की विदाई का समय करीब आ रहा है, लेकिन इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर को जारी अपने अपडेट में बताया कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
इसके बावजूद राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
15 सितंबर को इन इलाकों में बारिश की संभावना
IMD के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 14 से 20 सितंबर और पश्चिमी राजस्थान में 14 से 18 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 14 से 16 सितंबर तथा पूर्वी राजस्थान में 14 से 17 सितंबर तक मेघगर्जन, बिजली चमकने और झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।
IMD के 14 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई थी।
हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर तक पहुंचने का अनुमान
मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के लिए 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ऐसे में आंधी के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
चूरू को लेकर क्या है IMD का अपडेट?
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य है। 15 सितंबर के IMD जिला-वार चेतावनी पेज पर चूरू के सामने “कोई चेतावनी नहीं” दर्ज है। इसलिए चूरू को 15 सितंबर के लिए भारी बारिश या किसी विशेष चेतावनी वाले जिले के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
हालांकि IMD के व्यापक पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियों की संभावना बनी हुई है।
मानसून की वापसी कब से?
IMD ने 14 सितंबर की प्रेस रिलीज में कहा है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसका मतलब यह है कि प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है, लेकिन इसके बीच कुछ इलाकों में बारिश का दौर बना रह सकता है।
बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश के साथ बिजली चमकने और मेघगर्जन की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के समय पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी रखना भी जरूरी है।
नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए जिलेवार तत्काल चेतावनी के लिए IMD के नवीनतम अपडेट को प्राथमिकता दें। IMD की वेबसाइट पर जिला-वार चेतावनियां उपलब्ध हैं।






