राजस्थान में मौसम में बदलाव जरूर देखने को मिल रहा है, लेकिन 30 सितंबर के लिए सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में बताए जा रहे व्यापक ऑरेंज या येलो अलर्ट की पुष्टि IMD के ताजा आधिकारिक बुलेटिन से नहीं होती।
IMD के 29 सितंबर को जारी All India Weather Forecast Bulletin में पूर्वी राजस्थान में 29 और 30 सितंबर को छिटपुट से कहीं-कहीं बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं जयपुर मौसम केंद्र की उपखंडवार चेतावनी में 30 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान दोनों के लिए ‘No Warning’ दर्ज है।
राजस्थान में भारी बारिश का व्यापक अलर्ट नहीं
बुलेटिन के अनुसार 30 सितंबर को राजस्थान के अलावा कई अन्य उत्तर भारतीय राज्यों में भी व्यापक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। उदाहरण के लिए दिल्ली-हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए संबंधित उपखंडवार चेतावनी में 30 सितंबर को ‘No Warning’ दर्ज है।
किन राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना?
IMD के 29 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक 30 सितंबर को असम-मेघालय, केरल-माहे, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक की संभावना है।
असम-मेघालय, केरल-माहे, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं असम-मेघालय, केरल-माहे, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा और कुछ अन्य क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की हवाएं कहां?
30 सितंबर के लिए IMD ने रेयालसीमा और तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना जताई है।
वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली
IMD के अनुसार 29 सितंबर को बंगाल की खाड़ी और म्यांमार के आसपास बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा और इसके बाद कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना बताई गई।
इसी बुलेटिन में उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण का भी उल्लेख है।
किसानों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
मौसम में स्थानीय स्तर पर अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए किसान स्थानीय मौसम चेतावनी और ताजा IMD अपडेट पर नजर रखें।
खुले में रखी फसल या कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा तेज हवा या गरज-चमक की स्थिति में खुले खेतों में अनावश्यक रूप से नहीं रहने जैसे सामान्य सावधानी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
IMD के 29 सितंबर के बुलेटिन में राजस्थान में अधिकतम तापमान फालोदी में 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।






