नई दिल्ली/जयपुर। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने 17 राज्यों में हल्की से भारी बारिश तथा 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्य शामिल हैं।
राजस्थान में फिलहाल कमजोर रहेगा मानसून
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
हालांकि जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने 17 जुलाई के लिए प्रदेश के सभी जिलों में ग्रीन अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में चल सकती हैं तेज हवाएं
पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
वहीं अलवर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, धौलपुर, टोंक, नागौर, शाहपुरा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर और चूरू सहित कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाओं और धूलभरी आंधी के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। जैसलमेर, बीकानेर और फलोदी जैसे मरुस्थलीय इलाकों में तेज धूप, गर्म हवाएं और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी से मामूली राहत मिल सकती है।
19-20 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, 19 और 20 जुलाई के आसपास मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम तंत्र अनुकूल दिशा में आगे बढ़ता है तो राजस्थान में मानसून की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं। विशेष रूप से उदयपुर संभाग में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई गई है।






