भीषण गर्मी और उमस से परेशान राजस्थान के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 36 घंटों के दौरान प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 20 और 21 जुलाई से जयपुर समेत पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां फिर से तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर परिसंचरण तंत्र में बदल गया है। वहीं मानसून ट्रफ अमृतसर, करनाल और रांची से होकर गुजर रही है। इसके प्रभाव से अगले दो-तीन दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी, लेकिन सोमवार से मौसम करवट ले सकता है।
इन संभागों में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, 20-21 जुलाई से कोटा, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
इसके बाद 22-23 जुलाई से उदयपुर संभाग के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून सक्रिय होने की उम्मीद है। इस दौरान कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।
कई जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 21 और 22 जुलाई के लिए जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, कोटा, बारां और करौली सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
इन क्षेत्रों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा आकाशीय बिजली के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
देश के 15 राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा।
19 जुलाई को असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। वहीं उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।






