देश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार, 8 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना है। कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। 8 अगस्त को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
वहीं दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।
इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं। खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ और कमजोर संरचनाएं गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
राजस्थान में मानसून सक्रिय, 30 जिलों में यलो अलर्ट
राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सीकर और झुंझुनूं में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
शुक्रवार को भी राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर और भरतपुर संभाग के कई हिस्सों में करीब 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। भरतपुर, अलवर, सीकर और चूरू में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
कई जिलों में तीन इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान अलवर, तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, भरतपुर और चूरू में तीन इंच तक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बारां, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, कोटा, सवाई माधोपुर और टोंक सहित अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में अगले 3 से 4 दिनों तक अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की स्थिति बन सकती है।






