देश के कई हिस्सों में 9 अगस्त को मानसून की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त के ताजा बुलेटिन के अनुसार राजस्थान में 9 अगस्त को कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
राजस्थान के लिए जारी जिला-वार चेतावनी में 9 अगस्त को झुंझुनूं, सीकर और चूरू सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कई जिलों में हवा की गति 30-40 किमी प्रति घंटे तक रहने का उल्लेख है।
राजस्थान के इन जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट
IMD के अनुसार 9 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर, अजमेर, टोंक, दौसा, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
झुंझुनूं और सीकर के लिए जिला-वार चेतावनी में 9 अगस्त को थंडरस्टॉर्म/लाइटनिंग और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा का अलर्ट दिया गया है।
पश्चिमी राजस्थान में चूरू के लिए भी 9 अगस्त को गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
9 अगस्त को पूरे राजस्थान में सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 9 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है।
इसके बाद 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना भी IMD के चेतावनी बुलेटिन में दर्ज है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत में भी बारिश की संभावना
9 अगस्त को दिल्ली और आसपास के उत्तर भारतीय क्षेत्रों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम में बदलाव के दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है।
IMD के अलर्ट को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भी सतर्कता जरूरी
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।
किसानों, खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और बिजली के खंभों या पेड़ों के आसपास रहने वालों को गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।






