राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।
हालांकि 20 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। IMD के ताजा अपडेट में पूर्वी राजस्थान में मेघगर्जन, वज्रपात और Squall यानी तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
पश्चिमी राजस्थान में कोई चेतावनी नहीं
पश्चिमी राजस्थान के लिए 20 सितंबर को IMD ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। इसके साथ ही 21 सितंबर से आगे भी पश्चिमी राजस्थान के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
इसका मतलब है कि राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में मानसून की विदाई के साथ मौसम के अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान में वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट
IMD के 20 सितंबर के अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ Squall/तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, 21 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के लिए भी कोई चेतावनी नहीं दी गई है। इसके बाद 22 से 26 सितंबर तक भी मौजूदा IMD चेतावनी तालिका में कोई चेतावनी दर्ज नहीं है।
मानसून की राजस्थान से विदाई शुरू
IMD ने 18 सितंबर को जारी अपने अपडेट में कहा था कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। बाद के अपडेट में पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने की पुष्टि की गई।
ऐसे में प्रदेश में अब मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होने की दिशा में हैं। हालांकि पूर्वी राजस्थान में 20 सितंबर को स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
देश के मौसम पर भी नजर
देश के कई हिस्सों में सितंबर के अंतिम दौर में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी हुई हैं। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में पूर्वी, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। ओडिशा के लिए 20 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों या बारिश प्रभावित इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह पर नजर रखनी चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें। किसानों और ग्रामीणों को गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या अन्य खुले स्थानों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
मौसम में बदलाव के दौरान स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले IMD और जिला प्रशासन के अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
राजस्थान के लिए 20 और 21 सितंबर का अपडेट
| तारीख | पश्चिमी राजस्थान | पूर्वी राजस्थान |
|---|---|---|
| 20 सितंबर | कोई चेतावनी नहीं | मेघगर्जन, वज्रपात, तेज झोंकेदार हवाएं |
| 21 सितंबर | कोई चेतावनी नहीं | कोई चेतावनी नहीं |
यह स्थिति 20 सितंबर 2026 को जारी IMD के उपलब्ध चेतावनी अपडेट पर आधारित है और मौसम की परिस्थितियों में बदलाव होने पर अगला अपडेट अलग हो सकता है।






