चूरू। शेखावाटी क्षेत्र के बहुचर्चित बिरजू ठेकेदार हत्याकांड में रतनगढ़ स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। वर्ष 2012 में हुए इस चर्चित हत्याकांड में अदालत ने आठ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि गैंगस्टर अनिल उर्फ पांडिया, कपिल और महेश उर्फ पपिया के खिलाफ फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आठ आरोपियों को मिला संदेह का लाभ
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर महिपाल बलारां, मनोहर उर्फ मनोज नेहरा, श्रवण निवाई सहित कुल आठ आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
इस प्रकरण में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें से दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन आरोपियों के संबंध में अदालत का फैसला अभी आना बाकी है।
2012 में हुई थी गोली मारकर हत्या
गौरतलब है कि 14 नवंबर 2012 को बिरजू ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह दारिया मर्डर केस में सीबीआई का मोस्ट वांटेड आरोपी था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। फरारी के दौरान हुई इस हत्या ने उस समय पूरे शेखावाटी क्षेत्र में व्यापक चर्चा बटोरी थी।
अब तीन आरोपियों पर फैसले का इंतजार
करीब 14 वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें गैंगस्टर अनिल उर्फ पांडिया, कपिल और महेश उर्फ पपिया के खिलाफ सुरक्षित रखे गए निर्णय पर टिकी हैं। अदालत इन तीनों आरोपियों के संबंध में अपना फैसला बाद में सुनाएगी।






