चूरू में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्राम साथिनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी कलेक्ट्रेट से महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय तक रैली निकाली और बाद में विभागीय अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नियमितीकरण, लंबित भुगतानों का निस्तारण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
नियमित कर्मचारी का दर्जा और पेंशन की मांग
संघ की जिलाध्यक्ष मंजू कुमारी नाई ने बताया कि ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्राम साथिनों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ उपलब्ध कराने तथा मानदेय का एकमुश्त भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सभी लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण किया जाना चाहिए।
कई भुगतान वर्षों से लंबित होने का आरोप
संघ के अनुसार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का भुगतान वर्ष 2022 से लंबित है। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज मद, सामुदायिक उत्सव तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों के इंसेंटिव का भुगतान भी कई महीनों से नहीं हुआ है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को वर्ष में केवल 11 माह का मानदेय मिलता है और प्रत्येक वर्ष फरवरी माह का भुगतान बैंक खातों में दर्ज नहीं किया जाता। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान उपयोग होने वाली टीएलएम सामग्री भी कर्मचारियों को अपने खर्च पर खरीदनी पड़ती है।
16 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी कि यदि पांच दिनों के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 16 जुलाई से सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं अन्य महिला कर्मचारी कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी।
संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
प्रदर्शन के दौरान रमेश तेतरवाल, लक्ष्मी कंवर, प्रतिभा, सरोज, दुर्गा, मीनाक्षी, प्रमिला सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं।





