जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में सोमवार को चूरू रोडवेज बस स्टैंड पर बस दुर्घटना की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और आपात सेवाओं की तैयारियों का आकलन करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, नगर परिषद तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
घायलों के रेस्क्यू और आपात सेवाओं का किया अभ्यास
मॉक ड्रिल में दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम, अतिरिक्त जिला कलक्टर अर्पिता सोनी सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद घायल यात्रियों के सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने, यातायात बहाल करने, आग पर नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसी प्रक्रियाओं का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास किया गया।
अभ्यास के तहत तीन रोडवेज कर्मियों और एक निजी बस में दो यात्रियों की मृत्यु तथा अन्य यात्रियों के गंभीर एवं सामान्य रूप से घायल होने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर आपात सेवाओं की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया।
‘पहले कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण’
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन क्षणों में विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और बेहतर समन्वय जनहानि एवं नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि तैयारियों की वास्तविक परीक्षा लेना, कमियों की पहचान करना और समय रहते उनमें सुधार करना है।
पुलिस की भूमिका भी अहम
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने कहा कि किसी भी बड़ी दुर्घटना या आपदा में पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण होती है।
मॉक ड्रिल के बाद जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न विभागों के रिस्पॉन्स टाइम, संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का मूल्यांकन किया तथा सुधार के बिंदुओं को भविष्य की कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
इस दौरान एसडीएम धीरज झाझड़िया, नगर परिषद आयुक्त अभिलाषा सिंह, पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत, रोडवेज मुख्य प्रबंधक सुदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्साकर्मी और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।






