चूरू। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने सोमवार को डीओआईटी वीसी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं और जन शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर, संपर्क पोर्टल, प्रधानमंत्री आवास योजना, वीबीजी-रामजी योजना और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना सहित कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिला कलेक्टर ने कहा कि संपर्क पोर्टल आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ विश्लेषण कर उनका गुणवत्तापूर्ण और समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें।
संपर्क पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर सुराणा ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल औपचारिक निस्तारण तक सीमित न रहें, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले, इसका भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण और अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश दिए।
पौधरोपण और सेवा शिविरों पर विशेष जोर
हरियालो राजस्थान अभियान के तहत कलेक्टर ने सभी विभागों और नगरीय निकायों को मानसून के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मियावाकी तकनीक अपनाने तथा प्रमुख मार्गों पर रोडसाइड प्लांटेशन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले तथा शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम निस्तारण मौके पर ही किया जाए।
विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, वीबीजी-रामजी योजना तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने लंबित प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने तथा आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जल संचय जनभागीदारी योजना, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, कौशल विकास निधि, राजीविका, स्वच्छ भारत मिशन, ऊर्जा विभाग से जुड़ी शिकायतों तथा शहरी सेवा शिविरों में लाइसेंस, एनओसी और पट्टा प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में एडीएम अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर, डीएफओ भवानी सिंह, एडीपीएस मीनू वर्मा, एसीईओ भागचंद खारिया सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी उपखंडों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।






