ऑनलाइन ट्रेडिंग और फर्जी आईपीओ (IPO) में निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के खिलाफ चूरू साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम (IPS) के निर्देशन में पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर चूरू लाकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी कंपनियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम जमा करवाई।
व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी IPO ऐप से लगाया चूना
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 24 मई 2026 को जैतपुरा (थाना हमीरवास) निवासी विकास सिद्धू ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, अज्ञात बदमाशों ने उन्हें एक लिंक भेजकर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और फर्जी IPO ऐप इंस्टॉल करवाया। अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में 39.21 लाख रुपये जमा करवा लिए। इस पर साइबर थाना चूरू में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार (RPS) और त्वरित अनुसंधान सैल के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार मीणा (RPS) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच अधिकारी सहायक उप-निरीक्षक राकेश कुमार मीणा और उनकी टीम ने बैंक खातों तथा मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और 27 वर्षीय सायेम मलिक को गिरफ्तार कर लिया।
पांच कंपनियां बनाकर ठगी की रकम करता था जमा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पेशे से सिविल इंजीनियर है और साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने नाम से पांच प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां पंजीकृत करवा रखी थीं। इन कंपनियों के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी।
पुलिस का कहना है कि परिवादी विकास सिद्धू से आरोपी की कंपनी के खाते में 26.50 लाख रुपये जमा करवाए गए थे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के लोगों से कथित तौर पर 1 करोड़ 32 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की राशि भी उसके खातों में जमा हुई। आरोपी के खिलाफ देश के अलग-अलग स्थानों से 6 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस रिमांड पर जारी है पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सीजेएम, बर्द्धमान पूर्व (पश्चिम बंगाल) की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर चूरू लाया गया। फिलहाल उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों तथा ठगी की रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार मीणा, राकेश कुमार मीणा, कांस्टेबल कैलाशचंद्र, सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार और धर्मपीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






