चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। हर महीने सफाई के नाम पर करीब 6 से 7 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल परिसर में गंदगी बने रहने का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई अभियान चलाया।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आसिफ खान के नेतृत्व में कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे और पुराने अस्पताल के सामने स्थित पार्क सहित परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई कर अस्पताल प्रशासन का ध्यान अव्यवस्थाओं की ओर आकर्षित किया।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुआ सुधार
आसिफ खान ने बताया कि एक सप्ताह पहले अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन देकर सफाई व्यवस्था, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के बाद मजबूरन सफाई अभियान चलाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को गंदगी के कारण अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गंदगी और उफनते चैंबर से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर कचरा फैला हुआ है। ऑर्थोपेडिक विभाग के सामने स्थित चैंबर कई दिनों से उफन रहा है, जिससे आसपास गंदा पानी जमा होने और दुर्गंध फैलने की शिकायत है। बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति संक्रमण का खतरा भी बढ़ा सकती है।
इसके अलावा कई शौचालयों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी मरीजों और परिजनों ने नाराजगी जताई है।
अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?
डीबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी ने बताया कि सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा गठित समिति प्रतिदिन सभी वार्डों का निरीक्षण करती है। जहां सफाई संतोषजनक नहीं मिलती, वहां संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर भुगतान में कटौती की जाती है।
उन्होंने बताया कि मई और जून माह में सफाई ठेकेदार के लगभग 50 हजार रुपये काटे गए हैं। अस्पताल में कुल 80 सफाईकर्मी तैनात हैं, जिनमें प्रतिदिन 64 कर्मचारी कार्य करते हैं, जबकि 16 रिलीवर के रूप में रखे गए हैं ताकि अनुपस्थित कर्मचारियों की जगह सफाई कार्य प्रभावित न हो।






