छह स्वीकृत पदों में पांच खाली, विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
राजलदेसर। कस्बे का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लंबे समय से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में चिकित्सकों के 6 स्वीकृत पदों में से 5 पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन आने वाले 400 से अधिक ओपीडी मरीजों का भार अकेले कार्यरत महिला चिकित्सक डॉ. प्रतिभा मीणा संभाल रही हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भी खाली
अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ), कनिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन और सर्जन सहित कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं। वहीं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनिक) का स्वीकृत पद भी पिछले दो वर्षों से डेपुटेशन के कारण खाली है, क्योंकि संबंधित चिकित्सक चूरू सेटेलाइट अस्पताल में कार्यरत हैं।
इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी (एमओ) के दूसरे पद पर नियुक्त चिकित्सक को एक प्रकरण में जांच लंबित रहने के दौरान सीएमएचओ कार्यालय में लगाया गया है। वर्तमान में अस्पताल में केवल एक आयुष चिकित्सक और एक दंत चिकित्सक ही कार्यरत हैं।
पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी
अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के दो पद, फार्मासिस्ट प्रथम का एक पद, सीनियर लैब टेक्निशियन और एलएचवी का पद रिक्त है। वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भी केवल दो कार्मिक ही कार्यरत हैं।
दुर्घटना के मरीजों को करना पड़ता है रेफर
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े होने के कारण सीएचसी में अक्सर सड़क दुर्घटना के घायल मरीज पहुंचते हैं। लेकिन ड्यूटी समय समाप्त होने के बाद अस्पताल में कोई एलोपैथिक चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से गंभीर मरीजों को रतनगढ़, चूरू या बीकानेर रेफर करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों और परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बीसीएमओ बोले— जल्द वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास
बीसीएमओ डॉ. मनीष तिवारी ने बताया कि रिक्त पदों के कारण उत्पन्न समस्या को देखते हुए सप्ताह में दो से तीन दिन आसपास के क्षेत्रों से चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और स्वीकृति मिलने पर रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।






