चूरू जिले के बीदासर क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों से छेड़छाड़ के मामले में पोक्सो कोर्ट ने आरोपी बंगाली डॉक्टर को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।
छह गवाह और 16 दस्तावेजी साक्ष्य बने आधार
विशिष्ट लोक अभियोजक हेमसिंह शेखावत ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष छह गवाहों के बयान तथा 16 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
बकाया राशि पूछने गई थीं बच्चियां
अभियोजन के अनुसार, पीड़ित बच्चियों की मां ने बीदासर थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि 25 अक्टूबर 2025 को उनकी एक बेटी के सिर में चोट लगने पर उसका उपचार आरोपी डॉक्टर उत्तम राय के क्लीनिक में कराया गया था। उपचार के कुछ रुपये बकाया रह गए थे।
बाद में मां ने बकाया राशि की जानकारी लेने के लिए अपनी छह और सात वर्ष की दोनों बेटियों को क्लीनिक भेजा।
क्लीनिक में छेड़छाड़ का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, क्लीनिक पहुंचने पर आरोपी डॉक्टर ने दोनों बच्चियों को कुछ समय तक अपने पास बैठाए रखा और उनके साथ छेड़छाड़ की। घर लौटने पर बच्चियां सहमी हुई थीं। बाद में मां ने पूछताछ की तो उन्होंने डॉक्टर की कथित हरकत की जानकारी दी।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर बीदासर थाने में मामला दर्ज कराया, जिस पर पुलिस ने जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया।
कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पोक्सो कोर्ट ने आरोपी उत्तम राय को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया।






