राजस्थान सरकार की युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं अब जमीनी स्तर पर सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। चूरू जिले के घंटेल गांव के युवा उद्यमी पूनमचंद ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित आईस्टार्ट राजस्थान कार्यक्रम के सहयोग से फर्नीचर क्षेत्र में एक राष्ट्रीय स्तर का मल्टीवेंडर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया है। आज उनका स्टार्टअप 50 लाख रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार कर रहा है और 150 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करा रहा है।
पूनमचंद ने बताया कि वह अपने पिता के फर्नीचर व्यवसाय से जुड़े हुए थे। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि स्थानीय फर्नीचर निर्माताओं और विक्रेताओं के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद सीमित बाजार तक ही पहुंच पाते हैं। इसी समस्या का समाधान तलाशते हुए उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने का विचार किया।
आईस्टार्ट राजस्थान से मिला मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग
कॉलेज के दौरान आयोजित एक आईस्टार्ट अवेयरनेस कार्यक्रम में उन्हें राजस्थान सरकार की आईस्टार्ट राजस्थान योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने 1 फरवरी 2025 को आईस्टार्ट नेस्ट डिवीजन इनक्यूबेटर सेंटर, चूरू में अपने स्टार्टअप का पंजीकरण कराया।
चयनित होने के बाद उन्हें एक वर्ष तक निःशुल्क कार्यस्थल, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिला। बाद में 17 अक्टूबर 2025 को उन्हें स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए 2.40 लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया।
देशभर के ग्राहकों तक पहुंचा चूरू का फर्नीचर कारोबार
सरकारी सहयोग के बाद पूनमचंद ने एपोनेक्स मार्केटप्लेस प्रा. लिमिटेड की स्थापना कर आधुनिक मल्टीवेंडर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार किया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय और क्षेत्रीय फर्नीचर विक्रेता अब देशभर के ग्राहकों तक अपने उत्पाद ऑनलाइन पहुंचा रहे हैं।
वर्तमान में कंपनी का वार्षिक कारोबार 50 लाख रुपये से अधिक हो चुका है। प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक ऑर्डर सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 50 से अधिक विक्रेता जुड़ चुके हैं और इसकी सेवाएं देश के 150 से अधिक शहरों तक पहुंच गई हैं।
चूरू संभाग में बढ़ रही स्टार्टअप संस्कृति
पूनमचंद का कहना है कि सरकार की स्टार्टअप नीति और आईस्टार्ट नेस्ट डिवीजन इनक्यूबेटर सेंटर से मिले मार्गदर्शन ने उनके व्यवसाय को नई दिशा दी। इससे न केवल स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिला बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।
चूरू संभाग इन्क्यूबेटर सेंटर के अनुसार अब तक 163 स्टार्टअप पंजीकृत, 111 स्टार्टअप स्वीकृत, 17 स्टार्टअप को 55 लाख रुपये से अधिक की फंडिंग मिल चुकी है। इन स्टार्टअप्स के माध्यम से 510 से अधिक रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।






