चूरू। रतनगढ़-चूरू रेलखंड के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर रेलवे विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। चूरू रेलवे फाटक से आउटर सिग्नल होते हुए प्रहलादजी की प्याऊ तक रेल लाइन के किनारे फेंसिंग और सुरक्षा दीवार बनाने का कार्य किया जा रहा है।
ट्रैक पार करने से रोकने के लिए लगाई जा रही फेंसिंग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से लोग और पशु सीधे रेलवे ट्रैक पार करते रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। अब रेल लाइन के दोनों ओर पिलर, लोहे की जालियां और सुरक्षा फेंसिंग लगाई जा रही है, ताकि अनधिकृत आवाजाही रोकी जा सके।
करीब एक से सवा किलोमीटर लंबे हिस्से में चूरू बाईपास सड़क के समानांतर यह कार्य तेजी से चल रहा है।
अंडरब्रिज के पास बन रही सुरक्षा दीवार
रेलवे विभाग अंडरब्रिज के पास स्टेशन की ओर दूसरी तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण भी करा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सीधे पटरियों पर जाने से रोकना और उन्हें सुरक्षित मार्ग का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।
रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से भविष्य में होने वाले संभावित हादसों में कमी आएगी।
दोहरीकरण के बाद बढ़ी ट्रेनों की आवाजाही
रतनगढ़-चूरू रेलखंड के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर नॉन-स्टॉप और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पहले की तुलना में बढ़ी है। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से आवागमन करना अधिक जोखिम भरा हो गया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग ने ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए फेंसिंग और दीवार निर्माण का कार्य शुरू किया है।






