चूरू जिले के ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बस सेवा शुरू कराने की योजना पिछले दो वर्षों से फाइलों में ही अटकी हुई है। तीन बार टेंडर प्रक्रिया विफल होने के बाद अब राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) ने चौथी बार 9 ग्रामीण रूटों पर बस संचालन के लिए निविदाएं जारी की हैं। यदि इस बार भी कोई निजी ऑपरेटर आगे नहीं आया तो रूटों में फिर बदलाव किया जा सकता है।
रोडवेज का उद्देश्य निजी ऑपरेटरों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा शुरू कर दूर-दराज के गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ना है।
तीन बार बदले रूट, फिर भी नहीं मिला ऑपरेटर
जानकारी के अनुसार पिछले दो वर्षों में मार्च 2025, फरवरी 2026 और अप्रैल 2026 में तीन बार टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन किसी भी चरण में सभी रूटों पर बस संचालन शुरू नहीं हो सका। इस दौरान निगम ने रूटों में बदलाव किया और नियमों में भी शिथिलता दी, फिर भी अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला।
यह योजना राजस्व साझेदारी (रेवेन्यू शेयरिंग) मॉडल पर आधारित है, जिसमें 17 सीटर या उससे अधिक क्षमता वाली डीलक्स बसों का संचालन निजी ऑपरेटर करेंगे।
दो रूटों पर प्रक्रिया पूरी, शुरू होने में अभी लगेगा समय
अब तक चूरू-रीबिया और चूरू-मोमासर रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि इन रूटों पर बसों के संचालन में अभी लगभग चार महीने का समय लगेगा, क्योंकि नियमानुसार बस तैयार करने के लिए ऑपरेटर को करीब 180 दिन का समय दिया जाता है। इनमें से लगभग 60 दिन पूरे हो चुके हैं।
इन दोनों रूटों के शुरू होने से मोमासर मार्ग के 13 गांव और रीबिया मार्ग के 10 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
इन 9 रूटों के लिए फिर मांगे गए टेंडर
रोडवेज ने जिन रूटों के लिए दोबारा निविदाएं जारी की हैं, उनमें प्रमुख रूप से
- चूरू-पीथीसर (वाया सरदारशहर)
- चूरू-रतनगढ़-सालासर (वाया देपालसर-मालासी) के तीन रूट
- चूरू-तारानगर के दो रूट
- चूरू-सरदारशहर
- बुचावास-जोड़ी (वाया चूरू)
- चूरू-साहवा (वाया सरदारशहर)
इन रूटों के लिए 16 जुलाई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जबकि 20 जुलाई को टेंडर खोले जाएंगे।






