राजस्थान शिक्षक संघ (RTA) के प्रदेशव्यापी आह्वान पर बुधवार को चूरू जिला मुख्यालय पर शिक्षकों ने स्थानांतरण नीति के विरोध में प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण आदेशों की समीक्षा और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की गई।
प्रदर्शन से पहले जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सीगड़ की अध्यक्षता में आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार की स्थानांतरण नीति की आलोचना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के हितों के विपरीत बताया।
स्थानांतरण नीति पर उठाए सवाल
प्रांतीय महामंत्री विजय पोटलिया ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधवा, दिव्यांग, गंभीर बीमारी से पीड़ित तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का भी दूरस्थ स्थानों पर तबादला किया गया है, जिससे शिक्षकों में असंतोष है।
प्रांतीय उपाध्यक्ष भंवरलाल कसवां ने लक्ष्मणगढ़ के एक शिक्षक के स्थानांतरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे समाज में भी नाराजगी है।
17 जुलाई को संभाग मुख्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा
प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण ने कहा कि 15 जुलाई का प्रदर्शन आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को चूरू संभाग मुख्यालय पर इंद्रमणि पार्क से संयुक्त निदेशक कार्यालय तक विशाल रैली निकाली जाएगी, जिसके बाद शिक्षा मंत्री का पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रांतीय संगठन मंत्री रतनसिंह पूनिया ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक से बड़ी संख्या में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और आंदोलन को अनुशासित एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार अन्यायपूर्ण स्थानांतरण आदेश वापस लेकर पारदर्शी और स्थायी स्थानांतरण नीति लागू नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में राजस्थान शिक्षक संघ के जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी, शिक्षक प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।






