चूरू जिले में बाल विवाह से जुड़ा एक मामला सामने आया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और कालिका पेट्रोलिंग टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बहनों को उनके ससुराल से सुरक्षित रेस्क्यू किया। फिलहाल दोनों को संरक्षण में रखकर काउंसलिंग कराई जा रही है। इसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया जाएगा।
चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना अधिकारी पन्ने सिंह के अनुसार, दोनों बहनें बीकानेर जिले के एक गांव की निवासी हैं। जून 2024 में उनके पिता ने उनका विवाह चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के एक गांव में कर दिया था। उस समय बड़ी बहन 11वीं और छोटी बहन 9वीं कक्षा में अध्ययनरत थी। विवाह के बाद दोनों की पढ़ाई छुड़वा दी गई।
प्रताड़ना के आरोप
जानकारी के अनुसार बड़ी बहन का विवाह 32 वर्षीय युवक तथा छोटी बहन का विवाह 26 वर्षीय युवक से किया गया था। आरोप है कि शादी के करीब छह महीने बाद से दोनों बहनों को घरेलू काम के नाम पर प्रताड़ित किया जाने लगा। उनके साथ मारपीट, अपमान और बेल्ट से पिटाई किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
बताया गया कि बुधवार को भी उनकी सास द्वारा कथित रूप से हाथ पर ब्लेड से कट लगाने और मारपीट करने की घटना के बाद इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंची। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बहनों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
बाल कल्याण समिति के समक्ष होगी पेशी
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दोनों बहनों की काउंसलिंग की जा रही है। इसके बाद नियमानुसार उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी एवं संरक्षण संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार परिवार में छह बेटियां होने के कारण पिता ने कम उम्र में ही दोनों बेटियों का विवाह कर दिया था। मामले में संबंधित एजेंसियां नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही हैं।






