राजलदेसर कस्बे में विकास कार्यों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष विष्णु भगवान प्रजापत, प्रतिपक्ष नेता दीनदयाल स्वामी, जिला प्रवक्ता पवन बोथरा सहित कुछ कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी को सौंपा गया। इसमें आरोप लगाया गया कि स्वीकृत विकास कार्य शुरू नहीं हुए और कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं।
शिकायत पत्र भाजपा के आधिकारिक लेटरहेड पर दिया गया, जिसमें विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए।
इन विकास कार्यों पर उठाए गए सवाल
शिकायत में वार्ड-7 में सांवरमल सुथार के घर से कुचेपचा भैरूजी मंदिर तक नाला निर्माण, रेलवे ब्रिज से नंदी चौक तक नाले का पुनर्निर्माण एवं चेंबर निर्माण, जामिया मदरसा में कक्ष एवं शौचालय निर्माण तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर दो कमरों के निर्माण कार्य का उल्लेख किया गया।
शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि इन कार्यों पर स्वीकृति मिलने के बावजूद धरातल पर प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए अलग-अलग दावे
शिकायत मिलने के बाद अधिशाषी अधिकारी ने संबंधित कार्यों की जानकारी जुटाई। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों और संबंधित ठेकेदारों ने दावा किया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर निर्माण कार्य तकनीकी कारणों से कुछ समय के लिए रुका था, जबकि निर्माण सामग्री पहले से ही स्थल पर पहुंचाई जा चुकी है।
इसी तरह, वार्ड-11 के निवर्तमान पार्षद कुलदीप स्वामी ने कहा कि रेलवे पुलिया से नंदी चौक तक नाला निर्माण कार्य प्रगति पर है और वहां कई चेंबर बनाए जा चुके हैं।
वहीं, वार्ड-7 के कुछ स्थानीय निवासियों और ठेकेदार ने भी दावा किया कि नाला निर्माण कार्य शुरू हो चुका था, लेकिन तकनीकी कारणों से अस्थायी रूप से रुका है। उनका कहना है कि संबंधित कनिष्ठ अभियंता के अवकाश से लौटने के बाद कार्य फिर से शुरू होगा।
अलग-अलग दावों से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विकास कार्यों को लेकर सामने आए इन अलग-अलग दावों ने स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। एक ओर भाजपा के कुछ नेताओं ने विकास कार्यों पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों ने कई कार्यों के प्रगति पर होने का दावा किया है।
फिलहाल, इन दावों और आरोपों पर संबंधित प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।






