रतनगढ़ के सेठ सूरजमल जालान राजकीय जिला चिकित्सालय में अब मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों में रेफर होने की आवश्यकता कम होगी। श्री गांधी बाल निकेतन की मेडिकल इक्विपमेंट परियोजना के तहत भामाशाहों के सहयोग से जनरल सर्जरी विभाग में करीब 80 लाख रुपये की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं।
अस्पताल में लेप्रोस्कोप, लेजर मशीन, एनेस्थीसिया सिस्टम, ईटीओ, फॉगर, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर टेबल, ब्लड वार्मर और कोटरी मशीन सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण लगाए गए हैं। इन मशीनों की मदद से अब कई जटिल ऑपरेशन बिना बड़े चीरे (लेप्रोस्कोपिक तकनीक) के किए जा सकेंगे।
अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी आधुनिक सर्जरी की सुविधा
अब तक इन मशीनों के अभाव में जनरल सर्जरी से जुड़े कई मरीजों को अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
नई मशीनों की स्थापना से अब क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक सर्जरी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भामाशाहों ने दिया 80 लाख रुपये का सहयोग
इन अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना के लिए अरुण अजीतसरिया और हर्ष अजीतसरिया ने अपने परिवार के किशनदयाल रामेश्वर चैरिटी ट्रस्ट, कोलकाता के माध्यम से 80 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया है।
अरुण अजीतसरिया ने बताया कि इससे पहले उनके परिवार की ओर से अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में करीब 30 लाख रुपये की लागत से सी-आर्म मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी, जिससे हड्डी रोग से जुड़े मरीजों का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि अब जनरल सर्जरी विभाग में आधुनिक मशीनें उपलब्ध होने से क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं मेगा हाईवे से गुजरने वाले जरूरतमंद मरीजों को भी समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
अन्य विभागों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल इक्विपमेंट प्रोजेक्ट के संस्थापक राजीव उपाध्याय ने कहा कि सरकारी अस्पताल में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
वहीं, जनरल सर्जन डॉ. सुखवीर कस्वां ने कहा कि नई मशीनों से जनरल सर्जरी विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।






