रतनगढ़। लोहा (रतनगढ़) निवासी भरत भार्गव द्वारा जाट समाज एवं पुलिस प्रशासन के विरुद्ध कथित अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में ग्रामीण किसान छात्रावास संस्थान, रतनगढ़ ने रविवार को थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संस्थान के पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
यह ज्ञापन संस्थान के अध्यक्ष सुल्तान सिंह भींचर के नेतृत्व में सौंपा गया।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की उठाई मांग
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि किसी भी समाज, समुदाय या प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और कानून व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की गरिमा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
ध्यान दें: समाचार में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के हैं। संबंधित व्यक्ति या पुलिस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई है।
बड़ी संख्या में सदस्य रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान नानूराम बिरड़ा, गजानन्द सिहाग, दौलत बिरड़ा, धर्मपाल, प्यारेलाल पूनिया, रतनलाल बिजारणिया, सुभाष जाखड़, ईश्वर श्योराण, मनोज, कैलाश पड़गड़, सुल्तान भंवर पूनिया, ताराचंद, हरिराम बुडानिया, ओमप्रकाश, दलीप सिहाग, राजेश रुलानिया, नेमीचंद, किशन कड़वासरा, भंवर पूनिया, भागीरथ ढाका, महिपाल, ओमप्रकाश बुडानिया, लिच्छूराम, हरिराम, कुमाराम, राजेश, रामचन्द्र, बाबूलाल और शीशपाल सहित बड़ी संख्या में संस्थान के सदस्य एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






