राजस्थान शिक्षक संघ (STFI) की रतनगढ़ उपशाखा ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण नीति में भेदभाव का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि सत्र की शुरुआत में बड़े स्तर पर हुए स्थानांतरणों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है और शिक्षकों में भय एवं असुरक्षा का माहौल बना है।
ब्लॉक अध्यक्ष भोजराज शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उपखंड अधिकारी रतनगढ़ को ज्ञापन सौंपा।
शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का लगाया आरोप
प्रांतीय संयुक्त मंत्री शुभकरण नैण और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य चौथमल चीनिया ने कहा कि नामांकन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों के स्थानांतरण से विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि असाध्य रोग से पीड़ित, विधवा, दिव्यांग तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के भी स्थानांतरण किए गए, जिससे मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी हुई है।
पारदर्शी स्थानांतरण नीति की मांग
संघर्ष समिति संयोजक बजरंग बिस्सू, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल मुंदलिया, कार्यालय मंत्री मुकेश सैनी, शिक्षक नेता सतीश पुरोहित और रमेश महला ने कहा कि स्थानांतरण के कारण कई विद्यालयों में शिक्षकों का गंभीर असंतुलन पैदा हो गया है, जिसका असर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर पड़ सकता है।
संगठन ने सरकार से वर्तमान स्थानांतरण आदेश निरस्त कर सभी संवर्गों के लिए पारदर्शी और स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की।
ओबीसी सर्वे और आंदोलन को लेकर भी रखी मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी से ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व सर्वे में लगे प्रगणकों को कार्यालय समय में आवश्यक शिथिलता देने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की।
उपखंड अधिकारी ने इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन देते हुए शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करने की बात कही।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 15 जुलाई को जिला मुख्यालयों और 17 जुलाई को संभाग मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान सुरेश जाट, सोमप्रकाश जोशी, रामनिवास, भंवरलाल जाट, वीरेंद्र सिंह, मुकेश मीणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।





