सांडवा (चूरू)। करीब दो माह से लापता एक नाबालिग बालिका को चूरू पुलिस ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में तकनीकी विश्लेषण और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टूल्स की सहायता से नाबालिग का पता लगाया गया। फिलहाल प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है।
सिलाई सीखने का कहकर घर से निकली थी
जिला पुलिस अधीक्षक चूरू निश्चय प्रसाद (आईपीएस) ने बताया कि 30 मई 2026 को सांडवा थाने में एक परिवादी ने लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी सबसे बड़ी पुत्री 28 मई 2026 की सुबह करीब 5 बजे सिलाई सीखने का कहकर घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी।
परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
विशेष टीम का किया गया गठन
मामला नाबालिग की गुमशुदगी से जुड़ा होने के कारण पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजानगढ़ सतपाल सिंह और वृत्ताधिकारी बीदासर विजय कुमार मीणा के सुपरविजन में सांडवा थाना पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और सोशल मीडिया टूल्स के माध्यम से तकनीकी विश्लेषण करते हुए नाबालिग का पता लगाया।
उत्तराखंड से सुरक्षित किया दस्तयाब
पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच के आधार पर नाबालिग को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है।






