चूरू जिले के सरदारशहर में साइबर ठगी से जुड़े एक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने 53 लाख रुपये मूल्य का करीब 710 ग्राम सोना कथित रूप से साइबर फ्रॉड की राशि से खरीदने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवादी ज्वैलर्स का आरोप है कि बैंक द्वारा उनके खाते से 5 लाख रुपये रिकवर किए जाने और खाता फ्रीज होने के बाद उन्हें पता चला कि सोने की खरीद में इस्तेमाल की गई राशि कथित रूप से साइबर ठगी से जुड़ी थी।
ऐसे सामने आया पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, लेडिज मार्केट स्थित मैसर्स आरएस ज्वैलर्स (वर्तमान में मैसर्स किशनलाल शंकरलाल एंड सन्स) के प्रोपराइटर संदीप कुमार सोनी ने न्यायालय में प्रस्तुत इस्तगासे में बताया कि 27 जुलाई 2024 को पूलासर निवासी कैलाश पारीक कुछ लोगों के साथ उनकी दुकान पर आया था।
पुरानी पहचान होने के कारण उन्होंने विश्वास करते हुए सोना बेच दिया। आरोप है कि 27 जुलाई से 7 अगस्त 2024 के बीच अलग-अलग बिलों के माध्यम से करीब 53 लाख रुपये मूल्य का लगभग 710 ग्राम सोना खरीदा गया, जिसका भुगतान विभिन्न बैंक खातों से ऑनलाइन किया गया।
बैंक ने खाते से 5 लाख रुपये किए डेबिट
परिवादी के अनुसार, 12 मार्च 2025 को उनके बैंक खाते से अचानक 5 लाख रुपये डेबिट कर लिए गए। बैंक ने बताया कि खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी राशि आने के कारण रिकवरी की गई है और खाता फ्रीज कर दिया गया है।
बाद में राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिका के दौरान मिले दस्तावेजों से उन्हें जानकारी मिली कि सोने के भुगतान के लिए भेजी गई राशि कथित रूप से साइबर ठगी से संबंधित थी।
भुगतान की मांग पर किया इनकार, पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन वे टालमटोल करते रहे। 4 दिसंबर 2025 को भुगतान या सोना लौटाने की मांग करने पर भी उन्होंने कथित रूप से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कैलाश पारीक, श्याम सुन्दर माली और दो-तीन अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे वित्तीय लेन-देन और साइबर फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।






