सरदारशहर में निजी बस संचालकों की हड़ताल बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कच्चा बस स्टैंड पर ठेला संचालकों के कथित अतिक्रमण और बस संचालकों के साथ मारपीट की घटना के विरोध में शुरू हुए आंदोलन के कारण बस सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हैं। इसका असर सरदारशहर से जुड़े 180 से अधिक गांवों के यातायात पर पड़ रहा है।
हड़ताल के चलते रोजाना बसों से आवागमन करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में निजी बसें कच्चा बस स्टैंड पर खड़ी हैं, जिससे वहां का पूरा परिसर भरा हुआ दिखाई दे रहा है।
अतिक्रमण हटाने की मांग पर अड़े बस संचालक
बस संचालकों और व्यापारियों का आरोप है कि कच्चा बस स्टैंड पर लंबे समय से ठेला संचालकों द्वारा किए जा रहे कथित अतिक्रमण के कारण व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। उनका कहना है कि नगर परिषद अब तक अवैध अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है।
बस ऑपरेटरों ने मांग की है कि कच्चा बस स्टैंड से हाथ ठेलों को हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए।
प्रशासन से वार्ता बेनतीजा
मामले को लेकर मंगलवार शाम प्रशासन और बस संचालकों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। दूसरी ओर हाथ ठेला संचालकों की यूनियन ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
ऐसे में विवाद के जल्द समाधान की चुनौती प्रशासन के सामने बनी हुई है। फिलहाल निजी बसों का संचालन बंद रहने से ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।






