सरदारशहर। शहर में नगर परिषद कार्यालय के बाहर सोमवार को वाल्मीकि महासभा सरदारशहर और सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मचारियों को उनके मूल कार्य पर वापस भेजने की मांग कर रहे हैं।
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ सफाई कर्मचारियों से उनके मूल सफाई कार्य के बजाय कार्यालयी कार्य करवाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और अन्य सफाई कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है।
वाल्मीकि महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले प्रशासन को चेतावनी भी दी गई थी कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
इन कर्मचारियों को लेकर उठाया सवाल
सफाई कर्मचारी संघ के सदस्य जितेंद्र जेदिया ने आरोप लगाया कि जितेंद्र सैनी, कपिल भाट, संदीप भाट, संजय मेहला, पवन भाट, मदन मीणा, विनोद मीणा और हरिहर सैनी सहित कुछ कर्मचारियों से सफाई कार्य नहीं कराया जा रहा है और उन्हें अन्य कार्यों में लगाया गया है।
संघ का कहना है कि जब तक संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल सफाई कार्य पर वापस नहीं लगाया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र जेदिया, अमिताभ चांवरिया, विक्रम लावा, राजकरण लावा, लालचंद, राकेश, शिव चांवरिया, लाखन, मनोज सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और वाल्मीकि महासभा के सदस्य मौजूद रहे।






