राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की सरदारशहर तहसील कमेटी ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने बढ़ी हुई फीस तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए बोर्ड ने परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
200 रुपये बढ़ी परीक्षा फीस
एसएफआई के अनुसार, पहले 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की फीस 650 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 850 रुपये कर दिया गया है। वहीं प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 100 रुपये प्रति विषय से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति विषय कर दिया गया है।
संगठन का कहना है कि बढ़ी हुई फीस का सबसे अधिक असर गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
जिला सचिव संदीप भारतीय ने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में फीस बढ़ोतरी से कई छात्र-छात्राओं के सामने पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि आर्थिक तंगी के कारण कुछ विद्यार्थी पढ़ाई बीच में छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
उन्होंने सरकार और बोर्ड से फीस वृद्धि का निर्णय वापस लेने की मांग की।
आंदोलन की दी चेतावनी
एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।
इस दौरान छात्र नेता मुकेश चारण, ओमप्रताप रामसीसर, भरत राज बरोड़, सुभान खान, सलमान खान (जैतसीसर), राजकुमार, तहसील अध्यक्ष अनिल बरोड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।






