चूरू जिले के राजलदेसर की होनहार बेटी भान्वी शेखावत ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे की एच-3 बैच की पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला। उनकी इस उपलब्धि पर राजलदेसर और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है।
भान्वी की सफलता को इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि वह अपने पैतृक गांव जाखल (नवलगढ़, झुंझुनूं) और राजलदेसर की पहली बेटी हैं, जिन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का गौरव प्राप्त किया है।
राजलदेसर से एएफएमसी तक का सफर
भान्वी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आदर्श विद्या मंदिर, राजलदेसर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भरतिया इंटरनेशनल स्कूल, राजलदेसर से माध्यमिक शिक्षा पूरी की।
उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने सीकर के गुरु कृपा कोचिंग इंस्टीट्यूट से फाउंडेशन कोर्स किया और वर्ष 2021 में नीट (NEET) परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद 2022 में उन्हें प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे में प्रवेश मिला।
हाल ही में उन्होंने चार वर्षीय एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है।
अब कोलकाता में करेंगी इंटर्नशिप
एमबीबीएस के बाद भान्वी अब ईस्टर्न कमांड हॉस्पिटल, कोलकाता में इंटर्नशिप करेंगी। यहां उन्हें सैन्य चिकित्सा सेवाओं से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण भी मिलेगा।
शिक्षक परिवार की बेटी ने बढ़ाया मान
भान्वी के पिता दीपेंद्र सिंह शेखावत और माता रेणु राठौड़ दोनों राजकीय विद्यालयों में शिक्षक हैं। मूल रूप से झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के जाखल गांव का यह परिवार पिछले करीब 28 वर्षों से राजलदेसर में रह रहा है।
भान्वी की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।






