चूरू जिले के तारानगर स्थित करीब 1200 वर्ष पुराने श्री शीतलनाथ जैन मंदिर से अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमाएं चोरी होने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज चोरी कांड का खुलासा करते हुए तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा गुरुवार को पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में किया गया।
पुलिस के अनुसार 28 जून की रात मुख्य बाजार स्थित श्री शीतलनाथ जैन मंदिर से जैन तीर्थंकरों की अष्टधातु प्रतिमाएं चोरी हो गई थीं, जिसके बाद तारानगर थाने में मामला दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और टोल रिकॉर्ड से मिली अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज तथा विभिन्न टोल प्लाजा के रिकॉर्ड खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक आर्टिगा कार (UP-85 AT-5062) को चिन्हित किया गया, जो वारदात के बाद कई टोल नाकों से गुजरती हुई मिली।
वाहन के आधार पर पुलिस ने इजराइल पुत्र इस्माइल (54) निवासी मथुरा, विनोद शर्मा उर्फ लोटी पोप (49) निवासी मथुरा तथा नित्यानंद बासनी (76) निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
प्रतिमाओं की बरामदगी के लिए दबिश जारी
पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त आर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। चोरी हुई प्राचीन अष्टधातु प्रतिमाओं की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें मध्यप्रदेश सहित अन्य संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
जैन समाज ने पुलिस टीम का किया सम्मान
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए आरोपियों के चेहरे सार्वजनिक नहीं किए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम, थाना अधिकारी सतपाल बिश्नोई और पुलिस टीम श्री शीतलनाथ जैन मंदिर पहुंची, जहां जैन समाज के लोगों ने पुलिस टीम का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मामले का शीघ्र खुलासा करने पर आभार जताया।





