कृषि उपज मंडी समिति, फतेहपुर ने मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क की कथित अपवंचना के मामले में एक अनुज्ञापत्रधारी फर्म के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसका अनुज्ञापत्र 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।
सचिव नरेन्द्र कुमार गौड़ ने बताया कि मैसर्स प्रताप सिंह अशोक कुमार, दुकान संख्या बी-11, मंडी यार्ड, फतेहपुर के अनुज्ञापत्र संख्या 78 (5 जून 1997) को मंडी समिति के निर्णय के अनुसार 29 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक निलंबित किया गया है।
नोटिस के बावजूद नहीं मिला जवाब
सचिव के अनुसार, मंडी शुल्क एवं कृषक कल्याण शुल्क की कथित अपवंचना के संबंध में फर्म को पहले नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन फर्म की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद राजस्थान राज्य कृषि विपणन अधिनियम, 1961 की धारा 15(3) के तहत फर्म का अनुज्ञापत्र 16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक सात दिनों के लिए निलंबित किया गया था।
दूसरी बार हुई कार्रवाई
मंडी समिति के अनुसार, पहली निलंबन अवधि के दौरान भी फर्म ने न तो अपवंचित राशि जमा कराई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके अलावा अनुज्ञापत्र पर लाल स्याही से आवश्यक प्रविष्टि कराने के लिए भी उसे कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसी के चलते मंडी समिति की 29 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में पारित प्रस्ताव संख्या-1 के आधार पर अनुज्ञापत्र को पुनः 15 दिनों के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
निलंबन अवधि में नहीं कर सकेगी कारोबार
मंडी समिति ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित फर्म कृषि जिंसों के क्रय-विक्रय का कार्य नहीं कर सकेगी। साथ ही फर्म को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश प्राप्त होने के तुरंत बाद अनुज्ञापत्र की प्रति आवश्यक प्रविष्टि के लिए मंडी समिति कार्यालय में जमा कराई जाए।






