सीकर जिले के नीमकाथाना ब्लॉक के खादरा गांव की 26 वर्षीय प्रसूता अंजली सैनी की मृत्यु के मामले को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में राजकीय जिला चिकित्सालय, नीमकाथाना के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. कमल सिंह शेखावत ने निदेशक जन स्वास्थ्य को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजकर उपचार की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी है।
12 जुलाई को भर्ती, 14 जुलाई को हुआ ऑपरेशन
पीएमओ डॉ. कमल सिंह शेखावत के अनुसार, अंजली सैनी, पत्नी राजकुमार सैनी, को 12 जुलाई 2026 को दोपहर 3:30 बजे नव निर्मित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। जांच में खून की कमी पाए जाने पर उसी दिन शाम 7 बजे उन्हें एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया। उनका ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव था और भर्ती के समय हीमोग्लोबिन 9 ग्राम दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को प्रसूता को ऑब्जर्वेशन में रखा गया। इसके बाद 14 जुलाई को दोपहर 1 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया, जहां दोपहर 1:37 बजे उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
पीपीएच का उपचार कर किया गया उच्च संस्थान रेफर
रिपोर्ट के अनुसार, प्रसव के बाद दोपहर 2 बजे प्रसूता को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट किया गया। उस समय उनका रक्तचाप 114/72 और पल्स रेट 76 थी।
करीब दोपहर 3:30 बजे अधिक रक्तस्राव (पोस्टपार्टम हैमरेज-पीपीएच) की शिकायत सामने आने पर वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमन्त कटारिया ने उपचार शुरू किया। इस दौरान ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. गुमान सिंह यादव भी मौजूद रहे। दोनों चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार के बाद शाम 5 बजे आगे के मेडिकल प्रबंधन के लिए प्रसूता को उच्च संस्थान रेफर कर दिया।
चौमू के निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती
पीएमओ की रिपोर्ट के अनुसार, परिजन प्रसूता को 14 जुलाई की शाम करीब 7 बजे चौमू स्थित बराला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। बाद में परिजनों ने बताया कि 16 जुलाई को रात करीब 12 बजे अंजली सैनी की मृत्यु हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में उपचार से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध करा दी है।






