प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से होने वाले फसल नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2026 के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब सीकर जिले के किसान 16 अगस्त 2026 तक खरीफ फसलों का बीमा करा सकेंगे।
कृषि विभाग के अनुसार योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका, समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों तथा राज्य स्तरीय समन्वय समिति (फसल बीमा) के निर्णयों के अनुरूप किया जा रहा है।
14 अगस्त तक करा सकेंगे फसल के नाम में संशोधन
निदेशक (कृषि) शिवजीराम कटारिया ने बताया कि यदि किसी किसान को अपनी बीमित फसल के नाम में बदलाव कराना है, तो वह 14 अगस्त तक संबंधित बैंक को लिखित सूचना देकर संशोधन करवा सकता है।
72 घंटे में दर्ज कराएं नुकसान की सूचना
उन्होंने बताया कि किसान भारत सरकार के हेल्पलाइन नंबर 7065514447 पर व्हाट्सएप के माध्यम से फसल बीमा क्लेम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
यदि फसल कटाई के बाद नुकसान होता है, तो किसान नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर 14447 पर शिकायत दर्ज कराकर बीमा दावे की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
कितना देना होगा प्रीमियम?
कृषि विभाग के अनुसार किसानों को केवल निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा, जबकि शेष प्रीमियम का वहन केंद्र और राज्य सरकार करेगी।
- खरीफ खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन: 2 प्रतिशत प्रीमियम
- रबी खाद्यान्न, दलहन एवं तिलहन: 1.5 प्रतिशत प्रीमियम
- वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलें: 5 प्रतिशत प्रीमियम
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में योजना का लाभ मिल सके।






