सीकर।राजस्थान में विवाह समारोह, धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब ऐसे आयोजनों में केवल वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण प्राप्त हलवाई, कैटरर्स और भोजन सेवा प्रदाता ही भोजन तैयार और परोस सकेंगे।
यह व्यवस्था खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत लागू की गई है।
आयोजन से पहले देनी होगी पूरी जानकारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि आयोजकों या कैटरर्स को कार्यक्रम से पहले संबंधित अभिहित अधिकारी को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इसमें कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान, आयोजक का नाम और मोबाइल नंबर, कैटरर्स का नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या, संभावित मेहमानों की संख्या तथा भोजन तैयार और परोसने के स्थान का विवरण देना अनिवार्य होगा।
मैरिज गार्डन और होटल संचालकों की भी जिम्मेदारी तय
नई एसओपी के तहत मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन और फार्म हाउस संचालकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में केवल वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों को ही भोजन तैयार करने और परोसने की अनुमति दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जानकारी विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी।
बड़े आयोजनों में होगी विशेष निगरानी
खाद्य सुरक्षा विभाग बड़े आयोजनों में जोखिम के आधार पर निरीक्षण करेगा। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे। जिन खाद्य व्यवसाय संचालकों के पास वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण नहीं होगा, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक आयोजनों में भोजन ग्रहण करते समय स्वच्छता और गुणवत्ता पर ध्यान दें। यदि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई शिकायत हो तो विभाग के हेल्पलाइन नंबर 01572-248211 पर सूचना दें।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य खाद्यजनित बीमारियों की रोकथाम करना और नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।






