नगर परिषद सीकर ने श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के संचालन में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्था के विरुद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा के निर्देश पर नगर परिषद की टीम ने रेलवे स्टेशन और एसके अस्पताल स्थित अन्नपूर्णा रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में सामने आईं कई कमियां
नगर परिषद की टीम ने श्री अन्नपूर्णा रसोई क्रमांक 158 (रेलवे स्टेशन) और श्री अन्नपूर्णा रसोई क्रमांक 637 (एसके अस्पताल) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोई संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
नगर परिषद के अनुसार, स्टोर एवं भोजन कक्ष में साफ-सफाई का अभाव, जूठे बर्तनों के कारण गंदगी, भोजन टेबल पर नमक को खुले में रखना, वाटर कूलर के आसपास अस्वच्छ वातावरण, भोजन सामग्री की अपर्याप्त उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता में कमी तथा कूपन वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गईं।
3 अगस्त तक मांगा जवाब
नगर परिषद ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 3 अगस्त 2026 तक तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा ने कहा कि श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना का उद्देश्य जरूरतमंद एवं आमजन को सम्मानपूर्वक स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आमजन के हितों से जुड़े मामलों में नगर परिषद शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाए हुए है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।






