सीकर, पंचायत समिति पिपराली की ग्राम पंचायत बाजौर में सामुदायिक भवन के पास निर्मित पौधशाला के निर्माण कार्य में अनियमितताएं मिलने पर जिला परिषद ने कार्रवाई की है। वीवी-जी राम जी (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन) जिला परिषद, सीकर के लेखपाल हरिराम ने बताया कि अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की पर्यवेक्षणीय लापरवाही तथा विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना प्रमाणित हुई है।
40 प्रतिशत पौधे मृत या पौधेविहीन मिले
जांच के दौरान पौधशाला में लगाए गए 3,000 पौधों में से करीब 40 प्रतिशत पौधे मृत अथवा पौधेविहीन पाए गए। नियमानुसार 20 प्रतिशत कैजुअल्टी फैक्टर को स्वीकार करते हुए शेष 20 प्रतिशत व्यय को निष्फल माना गया।
इसके आधार पर 25,869 रुपये के कुल व्यय में से 5,174 रुपये की राशि वसूली योग्य निर्धारित की गई है।
पांच अधिकारियों और कार्मिकों से होगी वसूली
जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रशासक (निवर्तमान सरपंच) संगीता, ग्राम विकास अधिकारी कल्पना सैनी, कनिष्ठ सहायक मंजू आर्य, कनिष्ठ सहायक प्रियंका तथा कनिष्ठ तकनीकी सहायक सुरेन्द्र सिंह से 1,034 रुपये 80 पैसे प्रति व्यक्ति की दर से वसूली के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा ग्राम विकास अधिकारी, दोनों कनिष्ठ सहायकों और कनिष्ठ तकनीकी सहायक पर 500-500 रुपये की शास्ति भी अधिरोपित की गई है।
भविष्य में नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिला परिषद ने सभी संबंधित कार्मिकों को भविष्य में मनरेगा कार्यों का नियमानुसार निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सहायक अभियंता, पंचायत समिति पिपराली को नरेगा कार्यों और पौधशालाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी को स्पष्ट टिप्पणी सहित जांच प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।






