सीकर। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि के बीच जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने आमजन से अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वर्षा ऋतु के लिए विस्तृत सड़क सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
बारिश में धीमी गति से चलाएं वाहन
जिला कलेक्टर ने कहा कि बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे वाहनों की ब्रेकिंग क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में वाहन धीमी गति और पूरी सावधानी के साथ चलाएं।
उन्होंने यात्रा से पहले वाहन की हेडलाइट, इंडिकेटर, ब्रेक, वाइपर और अन्य आवश्यक उपकरणों की जांच करने की सलाह दी। रात्रि में या विंडस्क्रीन पर धुंध जमने की स्थिति में डीफॉगर का उपयोग करने को भी कहा गया है।
पानी भरे अंडरपास और रपटों से रहें दूर
जिला कलेक्टर ने बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अंडरपासों में जलभराव होने पर पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे वाहन फंसने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पानी भरे अंडरपास से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि नदी-नालों और रपटों पर बहते पानी को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास नहीं करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में बरतें विशेष सतर्कता
एडवाइजरी में कहा गया है कि जलभराव के कारण सड़क के गड्ढे, नालियां और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई नहीं देते। इसलिए ऐसे क्षेत्रों में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
इसके अलावा यात्रा से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें और खराब मौसम के दौरान सड़क धंसने या पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने की आशंका वाले मार्गों से बचें।
गहरे पानी में वाहन ले जाने से बचें
जिला कलेक्टर ने कहा कि चारपहिया वाहन में गहरे पानी के प्रवेश से उसका विद्युत तंत्र प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन के दरवाजे भी नहीं खुल पाते। इसलिए किसी भी स्थिति में वाहन को गहरे पानी से निकालने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को सड़कों के गड्ढों की मरम्मत, ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने, नदी-नालों और रपटों पर रेलिंग लगाने, क्षतिग्रस्त सड़कों का सुधार, खुले विद्युत तारों को सुरक्षित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सभी विभागों को सड़क सुरक्षा एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भारी वर्षा के दौरान सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।






