सीकर जिले में अवैध रूप से संचालित एवं अनाधिकृत बदलाव वाली लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ गुरुवार को विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 15 बसों की जांच की गई, जिनमें से 11 बसों में विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर करीब 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया।
यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के आदेश, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश सीकर रूपा गुप्ता के निर्देशानुसार की गई।
अखैपुरा टोल प्लाजा पर हुई संयुक्त कार्रवाई
अभियान के तहत अखैपुरा टोल प्लाजा, पलसाना पर संयुक्त निरीक्षण दल ने सघन जांच अभियान चलाया। निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत जानू, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) पूनम भरगड़, जिला परिवहन अधिकारी ताराचंद बंजारा सहित परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बसों के पंजीकरण, परमिट, फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, अनाधिकृत संरचनात्मक बदलाव, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन हैमर, प्राथमिक उपचार पेटी सहित अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की गई।
जांच में 15 में से 11 बसों में मोटर वाहन अधिनियम और राज्य सरकार की एसओपी के उल्लंघन पाए गए। इसके बाद संबंधित बसों के चालान काटकर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा तीन बसों को जब्त कर लिया गया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और लग्जरी एवं स्लीपर बसों में किए जाने वाले अनाधिकृत संरचनात्मक परिवर्तनों पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे संयुक्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे।






