सीकर। विकसित भारत ग्राम रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण, जिला परिषद सीकर के लोकपाल ने पंचायत समिति श्रीमाधोपुर की ग्राम पंचायत अरणिया में मनरेगा कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के बाद ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जबकि संबंधित मेट को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
लोकपाल हरिराम ने बताया कि उपलब्ध अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच में राज्य सरकार के आदेशों, विभागीय दिशा-निर्देशों तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के प्रावधानों की अवहेलना पाई गई।
जांच में सामने आया कि संबंधित मस्टर रोल में 10 और 13 फरवरी 2026 को कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति के दौरान मेट सुमन यादव ने एनएमएमएस (NMMS) एप पर केवल पहली फोटो अपलोड की, जबकि दूसरी अनिवार्य फोटो अपलोड नहीं की गई। साथ ही श्रमिकों की दैनिक उपस्थिति नियमानुसार दर्ज नहीं की गई और हस्ताक्षर भी नहीं कराए गए।
अधिकारियों की लापरवाही भी पाई गई
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कनिष्ठ सहायक ने पूरे पखवाड़े के दौरान मस्टर रोल का निरीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया। वहीं ग्राम विकास अधिकारी ने श्रमिकों के भुगतान पारित करने संबंधी आवश्यक हस्ताक्षर भी अंकित नहीं किए। इन कमियों को पर्यवेक्षणीय लापरवाही मानते हुए दोनों अधिकारियों को दोषी माना गया।
दो अधिकारियों पर लगाया गया अर्थदंड
लोकपाल ने मनरेगा अधिनियम-2005 की धारा 25 के तहत ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार पर एक हजार रुपये तथा कनिष्ठ सहायक प्रकाशचंद बराला पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। दोनों को निर्धारित राशि राजकोष में जमा कराने और भविष्य में मनरेगा कार्यों का नियमानुसार निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दोषी मेट को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
इसके अलावा पंचायत समिति श्रीमाधोपुर के कनिष्ठ तकनीकी सहायक जितेंद्र कुमार को भविष्य में प्रभावी निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।
लोकपाल ने विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत समिति श्रीमाधोपुर को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण में दोषी पाए गए मेट सुमन यादव की आईडी तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।






